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निर्माण श्रमिक बोर्ड में केन्द्र का हस्तक्षेप हो बंद

नई दिल्ली । निर्माण श्रमिकों के लिए प्रत्येक राज्य में बनाये गये श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद की नियुक्ति का अधिकार राज्यों से छीन लिये जाने को लेकर देश के तमाम राज्यों के बोर्ड प्रतिनिधियों ने रोष जताया है। कुल 27 राज्यों के बोर्ड प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर केन्द्र का हस्तक्षेप बंद करने की मांग की। निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य स्तर पर बनाये गये श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति का अधिकार केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार से लेकर अपने पास रख लिया है। केन्द्र के इस आदेश के खिलाफ दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में देश के तमाम राज्यों के निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधियों के एक सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, पंजाब, प. बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, गोवा, जम्मू एंड कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, पुंडुचेरी, उड़ीसा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, त्रिपुरा, दादर एवं नागर हवेली, दिल्ली, महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु इत्यादि राज्यों के श्रमिक निर्माण बोर्ड के सचिव एवं श्रमिकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आये प्रतिनिधियों के बीच निर्माण श्रमिकों के कल्याण से संबंधित मौजूदा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर र्चचा की गई और अपने अनुभव साझा किए।

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