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निरंकुश सरकार पर उग्र निर्माण श्रमिक संगठन

निर्माण श्रमिक संगठनों के समूह (नमा) के आह्वान पर आज दिल्ली भवन एवं संनिर्माण कल्याण बोर्ड के अधिकारियों की एक मीटिंग हुई जिसमे सभी निर्माण श्रमिक संगठनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई| मीटिंग में बोर्ड के सेक्रेटरी श्री नेदुचेरियन बोर्ड के उप श्रम आयुक्त श्री हरिकिशन प्रेमी जॉइंट लेबर कमिशनर श्री के आर वर्मा जी व् क्षेत्रीय जिला कार्यालयों के उप श्रमआयुक्त पूर्व व् उत्तर पूर्व से श्री गुरमुख सिंह, अनिल भटनागर जिला कार्यालय पूर्व, जिला कार्यालय दक्षिण से श्री बनवारी लाल व् बोर्ड के वरिष्ठ अकाउंटटेंट ने शिरकत की ... वहीँ निर्माण श्रमिकों संगठनों में लगभग 27 से अधिक युनिअनों ने अपनी समस्याएँ बोर्ड के सेक्रेटरी के सम्मुख रखी | मीटिंग का प्रारंभ दिल्ली असंगठित निर्माण मजदूर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी अमजद हसन व् थानेश्वर दयाल आदि गौर ने मीटिंग के एजेंडे के मुख्या बिन्दुओं को जो कि बोर्ड की दिनांक 02/06/2016 को हुई 29 बोर्ड मीटिंग में लिए गए निर्णयों से असहमति जताई और उन्हें संछिप्त में बताया व् तत्पश्चात सभी युनिअनों ने अपनी समस्या और सुझाव रखे, सबसे पहले श्री आजाद जी ने रजिस्ट्रेशन और पासबुक की कुछ समस्याओं के साथ बोर्ड की इस मीटिंग के निर्माण श्रमिक संगठन का सयुंक्त मंच नमा के नाम से बुलाने पर आपत्ति जताई किन्तु सभी निर्माण श्रमिक युनिअनों ने उनकी इस आपत्ति को यह कह कर ख़ारिज कर दिया कि निर्माण श्रमिकों के हित में बुलाई गई इस मीटिंग को किसी भी तरह का राजनितिक रूप देने का प्रयास किसी की भी तरफ से न किया जाए..

इसी क्रम में खालिद ने निर्माण श्रमिकों के क्लेम को लेकर बोर्ड सेक्रेटरी को बतलाया की क्लेम लगाने के बाद उसका स्टेटस उसकी मौजूदा स्थिति को पता लगाने का कोई सही तरीका नहीं है .. अगर क्लेम क्षेत्रीय कार्यालय वापस भेज दिया जाता है तो किसी भी तरह का कोई रिकार्ड बोर्ड में उपलब्ध नहीं है कि वो किस कारण से डिस्ट्रिक्ट वापस भेजा गया है इस तरह के सिस्टम से निर्माण श्रमिक बोर्ड से डिस्ट्रिक्ट और डिस्ट्रिक्ट से बोर्ड के ही चक्कर लगाता रहेगा |

तत्पश्चात अन्य संगठनों ने बोर्ड में पासबुक और फॉर्म्स की अनउपलब्धता के विषय में बोर्ड सेक्रेटरी महोदय को अवगत कराया और क्षेत्रीय कार्यालयों फॉर्म्स न मिलने और पासबुक की वजह से रजिस्ट्रेशन न हो पाने पर रोष व्यक्त किया

एक अन्य संगठन सचिव ने बोर्ड के स्टाफ द्वारा व् लेबर स्टाफ द्वारा अशोभनीय व्यवहार के बारे में बतलाया की किस तरह स्टाफ निर्माण श्रमिको और संगठनों के साथ बुरा व्यवहार करता है और मनमाने तरीके से कार्य करता है

संगठन सचिव पाठक जी ने सेक्रेटरी महोदय के सामने जिला दक्षिण पश्चिम में कई वर्षों से लंबित क्लेम और निर्माण श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन फॉर्म्स न मिल पाने की समस्या को रखा उन्होंने बतलाया की वर्कर की म्रत्यु हो चुकी है और उसका फॉर्म क्षेत्रीय कार्यालय में मिल नहीं रहा है किस तरह से उसको क्लेम प्रदान किया जाएगा | इसमें किसकी गलती है, क्षेत्रीय जिला कार्यालयों में बार बार यह समस्या देखने को मिल रही है कि निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण फॉर्म्स नहीं मिल पा रहे है, अमजद हसन जी ने जिला दक्षिण पश्चिम में चल रही अव्यवस्था के बारे में सेक्रेटरी महोदय को सूचित किया वहाँ किस तरह फॉर्म्स और फाइल्स जमीन पर पड़ी हुई है |

वहीँ मीकिन कौशिक ने 2012 में प्रारंभ हुए ई एस एल ए प्रोजेक्ट जिसमे बोर्ड का रजिस्ट्रेशन से लेकर क्लेम तक की प्रक्रिया ऑनलाइन हो उसके सन्दर्भ में बोर्ड को अवगत कराया कि किस तरह से यह प्रोजेक्ट स्टार्ट हुआ लेकिन बीच में ही इसे छोड़ दिया गया .. उन्होंने बतलाया सुचना प्रोधोगिकी के इस युग में आज भी बोर्ड मैन्युअल काम कर रहा है और अगर बोर्ड का काम ऑनलाइन होता है तो जो समस्याए सभी युनिअनों ने बतलाई है उनमे से अधिकतर स्वत: समाप्त हो जायेंगी चाहे वो फॉर्म्स की, रिकोर्ड मनेजमेंट की, पासबुक की या क्लेम्स स्टैट्स की | उन्होंने यह भी बतलाया कि जो वेब एप्लीकेशन और हार्डवेयर स्टाफ को उपलब्ध कराया गया था वह उस स्तर का नहीं था कि जिससे बोर्ड के रजिस्ट्रेशन और क्लेम के कार्य को उचित प्रकार से किया जा सके .. इसी वजह से 2012 से अभी तक इस प्रोजेक्ट को पूर्ण रूप से प्रारंभ नहीं किया जा सका |

बोर्ड के स्टाफ के ट्रांसफर के विषय में भी बात की गई जिसमे कहा गया की कुछ स्टाफ के ट्रांसफर उनके निवास स्थान से काफी दूर कर दिए गए है जिसे सही कर उन्हें उनके आस पास के ही क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रतिनियुक्त किया जाना चाहिए |
थानेश्वर दयाल आदिगौड़ ने सेस कलेक्शन की प्रक्रिया को सही करने का सुझाव बोर्ड सेक्रेटरी को दिया उन्होंने बतलाया सही प्रकार से सेस एकत्रित न होने के कारण बोर्ड का कितना नुकसान हो रहा है | व् वर्कर्स रजिस्ट्रेशन कैंप का मुद्दा भी मीटिंग में उठाया गया |
तत्पश्चात अमजद हसन व् थानेश्वर दयाल आदिगौर ने बैठक के प्रारंभ में रखे गए संक्षिप्त मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की जिसमे 29वी बोर्ड मीटिंग में लिए गए तत्कालीन सरकार द्वारा लिए निर्णय जिसमे मज़दूरों के कल्याण फंड का लगभग 1000 करोर रुपया मज़दूरों के कल्याण के नाम पर स्कूल/ अस्पताल/ आंगॅनवाडी/ अस्थाई आवास बनाने पर खर्च! उस पैसे को सरकार की अपनी पीठ थपथपाने वाली योजनाओं में न लगाया जाए इन विषयों पर अमजद हसन व् अन्य युनिअनों ने खुल कर उग्र विरोध किया उन्होंने बताया कि सरकार के इस तरह के परस्ताव से लगता है की बोर्ड के फंड को सिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं स्वास्थ्या विभाग को ट्रान्स्फर कर बोर्ड को समापात करने की साजिश चल रही है |

बोर्ड सेक्रेटरी ने उपरोक्त सभी बिन्दुओ को गंभीरता से लिया और निर्माण श्रमिक युनिअनो को क्लेम जो लंबित पड़े है उन्हें सिटिजन चार्टर की समय सीमा के अनुरूप निबटाने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए और क्षेत्रीय जिला कार्यालयों को भी इसके निर्देश देने का निर्णय लिया |

बोर्ड के फॉर्म्स और अन्य प्रपत्रों के प्रबंध के लिए उन्होंने बतलाया की सभी क्षेत्रीय जिला कार्यालयों से वांछित सामानों की सूचि मांगी गई है जिन क्षेत्रीय जिला कार्यालयों में अलमारी और रिकोर्ड प्रबन्ध में परेशानी आ रही है उसे जल्दी ही दूर किया जाएगा
निर्माण श्रमिक पंजीकरण कैंप के लिए उन्होंने इसे एक अच्छी पहल बताया और हर माह पंजीकरण कैंप लगवाने के निर्देश दिए
सेक्रेटरी बोर्ड ने जिला उप्श्र्मायुक्तों को हर हफ्ते मीटिंग और यूनियनों के साथ हर माह मीटिंग के निर्देश भी दिए उन्होंने बोर्ड स्टाफ और इंस्पेक्टिंग ऑफिसर्स और लेबर ऑफिसर्स की ओरिएंटेशन ट्रेनिंग के लिए भी उप श्रमायुक्त बोर्ड को निर्देश दिए
सेक्रेटरी बोर्ड ने यूनियन और निरीक्षण अधिकारी व् श्रम अधिकारी व् सह श्रम आयुक्त की एक सयुंक्त कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए जो दिल्ली भवन एवं संनिर्माण कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकरण व् क्लेम व अन्य प्रक्रियाओं को सरल और सुगम रूप से चलने में सहायता करेंगे

 

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