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न्यूनतम मजदूरी संशोधन बिल को राष्ट्रपति ने लौटाया

नई दिल्ली, दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी का भुगतान न करने वालों को दंडित करने के विधानसभा से पारित कर केंद्र के पास मंजूरी के लिए भेजे गए न्यूनतम मजदूरी संशोधन बिल 2015 को राष्ट्रपति ने दिल्ली विधानसभा को पुनर्विचार के लिए लौटा दिया है। विधानसभा में बृहस्पतिवार को बजट पर र्चचा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने न्यूनतम मजदूरी संशोधन बिल को राष्ट्रपति द्वारा लौटाए जाने की जानकारी दी। यह बिल आप सरकार ने 2015 में पेश किया था। विधानसभा अध्यक्ष ने जब यह जानकारी दी तो विधानसभा के कई सदस्यों को यह भ्रम हो गया कि सरकार ने जो न्यूनतम मजदूरी में हाल ही में बढ़ोतरी की है उसका बिल लौटा दिया गया है। कुछ सदस्यों ने इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा तो श्रम मंत्री गोपाल राय ने बताया कि वर्तमान में न्यूनतम मजदूरी का भुगतान न करने वालों के खिलाफ 500 रपए जुर्माने व छह माह के कारावास का प्रावधान है। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी को सुनिश्चित करने तथा कड़ाई से पालन कराने के लिए संशोधन बिल में न्यूनतम मजदूरी का भुगतान न करने वालों के खिलाफ 50 हजार रपए जुर्माने तथा 3 वर्ष तक कारावास का प्रावधान इस बिल में किया था। पिछले दिनों सरकार ने जब दिल्ली में नयूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया था तो उस दौरान भी श्रम मंत्री गोपाल राय ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए केंद्र सरकार के पास लंबित इस बिल को मंजूरी देने की मांग केंद्र सरकार से की थी।

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